कोरोना वायरस अभी पूरे विश्व को अपने घेरे माए ले रखा है। बड़ी बड़ी महाशक्तियां इसके सामने नतमस्तक हैं, अमेरिका,इटली,स्पेन,ईरान,चीन और बहुत से प्रगती शील देश आज इस महामारी की चपेट में हैं और लगभग 1लाख लोग इसमे अपनी जान गवां चुके है अभी तक।
भारत ने बाकी देशों से सबक लेते हुए, इस महामारी से लड़ने की तैयारी काफी पहले से शुरु कर दी है, और इसके केस जैसे ही आने चालू हुये, 21दिन का भारत बँद का एलान कर दिया गया हमारे माननीए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा।
पर क्या ये सही था?
क्या ये इतना जरुरी था?
इससे सबसे ज्यादा परेशानी किसको आने वाली थी?
ये सही था, या जरुरी था, ये तो विश्व की हालत देख के कोई भी बता सकता है।
सबसे ज्यादा परेशान अगर कोई हुआ है तो वो दिहाडी लोग हैं जो रोज कमाते हैं और खाते हैं।
पर इनको अब खाना कौन देगा?
रहने की व्यवश्था कौन करेगा?
इन सब बातों से लोग घबरा गये और कितना मना करने पर भी रोड पर निकले।
जो की बिल्कुल गलत था।
मेरे देश में मानवता की कमी नहीं है। सरकार ना सही पर बहुत लोग खुद से आगे आकर लोगों की मदद की, खाना की पूर्ति की, राशन बांटा।
और सबसे बड़ी बात कि इतना सब करने के बाद भी ये संक्रमण खतम क्यो नही हुआ इन 21दिन में?
सिर्फ चंद मूर्ख लोगों के चलते ये देश में फैला और 21दिन में भी नही खतम हो सका।
अब ये चंद मूर्ख हैं कौन?
ये वही हैं जिन्होने अपने आप को तीस मारखां समझा और इस महामारी को हल्के में लेने की गलती की।
अब यही गलती की सजा पूरा देश भुगत रहा है, क्योंकि अभी 3मई 2020 तक भी लॉक डाउन खुलेगा नहीं।
जो इस महामारी से लड़ रहे हमारे जवान, डॉक्टर, नर्स, अस्पताल कर्मचारि,नगर निगम कर्मचारी,सरकारी कर्मचारी और भी बहुत लोग है जो मानवता की मिशाल बन खड़े हैं इस जंग के मैदान में।
मेरा इन सभी को सत सत नमन और धन्यबाद।
भारत ने बाकी देशों से सबक लेते हुए, इस महामारी से लड़ने की तैयारी काफी पहले से शुरु कर दी है, और इसके केस जैसे ही आने चालू हुये, 21दिन का भारत बँद का एलान कर दिया गया हमारे माननीए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा।
पर क्या ये सही था?
क्या ये इतना जरुरी था?
इससे सबसे ज्यादा परेशानी किसको आने वाली थी?
ये सही था, या जरुरी था, ये तो विश्व की हालत देख के कोई भी बता सकता है।
सबसे ज्यादा परेशान अगर कोई हुआ है तो वो दिहाडी लोग हैं जो रोज कमाते हैं और खाते हैं।
पर इनको अब खाना कौन देगा?
रहने की व्यवश्था कौन करेगा?
इन सब बातों से लोग घबरा गये और कितना मना करने पर भी रोड पर निकले।
जो की बिल्कुल गलत था।
मेरे देश में मानवता की कमी नहीं है। सरकार ना सही पर बहुत लोग खुद से आगे आकर लोगों की मदद की, खाना की पूर्ति की, राशन बांटा।
और सबसे बड़ी बात कि इतना सब करने के बाद भी ये संक्रमण खतम क्यो नही हुआ इन 21दिन में?
सिर्फ चंद मूर्ख लोगों के चलते ये देश में फैला और 21दिन में भी नही खतम हो सका।
अब ये चंद मूर्ख हैं कौन?
ये वही हैं जिन्होने अपने आप को तीस मारखां समझा और इस महामारी को हल्के में लेने की गलती की।
अब यही गलती की सजा पूरा देश भुगत रहा है, क्योंकि अभी 3मई 2020 तक भी लॉक डाउन खुलेगा नहीं।
जो इस महामारी से लड़ रहे हमारे जवान, डॉक्टर, नर्स, अस्पताल कर्मचारि,नगर निगम कर्मचारी,सरकारी कर्मचारी और भी बहुत लोग है जो मानवता की मिशाल बन खड़े हैं इस जंग के मैदान में।
मेरा इन सभी को सत सत नमन और धन्यबाद।
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